सहारनपुर : कहते हैं तस्वीरें शब्दों से ज़्यादा बोलती हैं। ऐसी ही कुछ तस्वीरों ने इन दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। सैनी समाज के दो प्रमुख चेहरे साहब सिंह सैनी और डॉ. धर्म सिंह सैनी की एक मंच की तस्वीरों ने कई विरोधी नेताओं की नींद उड़ाई हुई है। जो कभी एक-दूसरे के विरोधी हुआ करते थे इन दिनोंकई मंचो पर एक साथ नजर आ रहे हैं। एक दूसरे को न सिर्फ फूल मालाएं पहना रहे हैं बल्कि गले लगाकर स्वागत भी कर रहे हैं। ख़ास बात ये है कि दोनों दिग्गज पूर्व मंत्री हैं।
वहीं दूसरी ओर डॉ. धर्म सिंह सैनी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सैनी समाज की एक मज़बूत आवाज़ बने हुए हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा उन्हें BSP कैबिनेट से लेकर BJP सरकार में आयुष जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय तक ले गई। उनके राजनीतिक रास्ते अलग-अलग थे, लेकिन मंज़िल एक ही थी वो सैनी समाज में सत्ता और प्रभाव। आज दोनों नेता सत्ता के पदों पर रहने के बावजूद एक तरह से राजनीतिक “वनवास” में हैं। ऐसे में क्या यह साझा मंच सिर्फ़ एक सामाजिक औपचारिकता है, या किसी नए राजनीतिक नाटक का पहला दृश्य? यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है।
राजनीति में संयोग कम और संकेत ज़्यादा होते हैं। एक मंच पर साथ बैठना, कैमरे में कैद मुस्कुराते चेहरे – इन्हें महज़ इत्तेफ़ाक नहीं माना जाता। सैनी समाज में यह संदेश चला गया है कि बिखरी हुई ताकतें शायद बातचीत की मेज पर लौट रही हैं। क्या यह आने वाले दिनों में एक नए राजनीतिक समीकरण की नींव है? या यह सिर्फ़ बीते हुए दौर की यादों का एक साझा पल है? फिलहाल, एक बात तो तय है: इस एक तस्वीर ने शांत पड़ी राजनीतिक हलचल को थोड़ा हिला दिया है।
भविष्य में राजनीतिक शतरंज की बिसात पर क्या चालें चली जाएंगी, यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन एक बात साफ़ है, जब दो राजनीतिक दिग्गज एक मंच साझा करते हैं, तो राजनीति खामोश नहीं रहती। कानाफूसी शुरू हो चुकी है, और शायद यही राजनीति की सबसे बड़ी खूबसूरती है।

